Taxation
Bill of Supply Kya Hota Hai? मतलब और Tax Invoice से अंतर
Bill of Supply का मतलब: वह बिल जिस पर GST नहीं वसूला जाता; composition डीलर हर बिक्री पर देता है। Tax Invoice से अंतर, Rule 49 के फ़ील्ड और फ़ॉर्मेट।
संक्षेप में
Bill of Supply का मतलब है वह बिल जिस पर GST नहीं वसूला जाता। Composition डीलर इसे हर बिक्री पर, और रेगुलर डीलर exempt या nil-rated सामान या सेवा पर देता है, इसलिए इस पर ख़रीदार ITC नहीं ले सकता। Tax Invoice पर GST वसूला जाता है और रजिस्टर्ड ख़रीदार उस पर ITC लेता है।
- Composition डीलर ग्राहक से GST नहीं वसूल सकता, इसलिए वह Tax Invoice नहीं, Bill of Supply जारी करता है।
- रेगुलर डीलर भी exempt या nil-rated सामान/सेवा बेचने पर Bill of Supply देता है।
- Bill of Supply के ज़रूरी फ़ील्ड CGST Rules के Rule 49 में हैं: सप्लायर का नाम, पता, GSTIN, 16 अक्षर तक का क्रमवार नंबर, तारीख़, HSN/SAC, विवरण, कीमत और हस्ताक्षर।
- Bill of Supply पर ख़रीदार कोई ITC नहीं ले सकता, क्योंकि उस पर कोई टैक्स वसूला ही नहीं गया।
- माल बेचने वाले composition डीलर (ट्रेडर और मैन्युफ़ैक्चरर) पर टैक्स आम तौर पर टर्नओवर का 1% है, जो वह अपनी जेब से भरता है।
पहले सीधी बात
बहुत से छोटे दुकानदार composition स्कीम में रजिस्टर होते हैं, पर बिल वही छापते रहते हैं जिस पर ऊपर “TAX INVOICE” लिखा हो और नीचे CGST-SGST के कॉलम हों। यह ग़लती है, और जाँच में पकड़ी जाती है।
नियम सीधा है:
- Tax Invoice — जब आप ग्राहक से GST वसूलते हैं।
- Bill of Supply — जब आप कोई GST नहीं वसूलते, या वसूल ही नहीं सकते।
Composition डीलर टैक्स वसूल नहीं सकता, इसलिए उसका हर बिक्री बिल Bill of Supply होता है।
Tax Invoice का मतलब (Tax Invoice Meaning)
Tax Invoice यानी “कर बीजक” — वह बिल जो GST में रेगुलर रजिस्टर्ड विक्रेता टैक्स वाली बिक्री पर देता है। इस पर विक्रेता का GSTIN, B2B में ग्राहक का GSTIN, HSN/SAC कोड, टैक्सेबल वैल्यू और GST की रकम (CGST + SGST या IGST) लिखी होती है, और ऊपर “Tax Invoice” शब्द छपा होता है। रजिस्टर्ड ख़रीदार इसी बिल पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लेता है। पूरे ज़रूरी फ़ील्ड: GST बिल के नियम।
Bill of Supply का मतलब
Bill of Supply यानी “आपूर्ति का बिल” — बिक्री का वह बिल जिस पर कोई GST नहीं वसूला जाता। Composition डीलर इसे हर बिक्री पर देता है, और रेगुलर डीलर exempt या nil-rated सामान बेचने पर। इस पर ख़रीदार को ITC नहीं मिलता।
एक नज़र में पूरा फ़र्क
| आधार | Tax Invoice | Bill of Supply |
|---|---|---|
| कौन जारी करता है | रेगुलर रजिस्टर्ड डीलर, टैक्स वाली सप्लाई पर | Composition डीलर; और रेगुलर डीलर exempt सप्लाई पर |
| GST वसूला जाता है? | हाँ — CGST + SGST या IGST | नहीं |
| ख़रीदार ITC ले सकता है? | हाँ, अगर ख़रीदार रजिस्टर्ड है | नहीं |
| नियम | CGST Rules का Rule 46 | CGST Rules का Rule 49 |
| बिल पर टैक्स की दर और रक़म | ज़रूरी | नहीं होती |
| ख़ास डिक्लेरेशन | ज़रूरत हो तो reverse charge का उल्लेख | Composition डीलर के लिए composition डिक्लेरेशन |
Bill of Supply कब जारी होता है
1. Composition डीलर — हर बिक्री पर
Composition स्कीम छोटे कारोबारियों के लिए है, जिसमें GST टर्नओवर पर एक तय दर से भरा जाता है। मुख्य बातें (अक्टूबर 2026 की स्थिति):
| कारोबार | टर्नओवर की सीमा | टैक्स की दर (टर्नओवर पर) |
|---|---|---|
| माल के ट्रेडर और मैन्युफ़ैक्चरर | 1.5 करोड़ रुपये तक (कुछ विशेष श्रेणी राज्यों में 75 लाख) | 1% (0.5% CGST + 0.5% SGST) |
| रेस्टोरेंट (शराब परोसने वाले नहीं) | 1.5 करोड़ रुपये तक | 5% |
| सेवा देने वाले (अलग composition विकल्प) | 50 लाख रुपये तक | 6% |
Composition डीलर:
- ग्राहक से कोई GST वसूल नहीं कर सकता
- अपनी ख़रीद पर ITC नहीं ले सकता
- अपने राज्य के बाहर माल नहीं बेच सकता
- तिमाही में CMP-08 से टैक्स भरता है और साल में एक बार GSTR-4 फ़ाइल करता है
- दुकान के बोर्ड पर “composition taxable person” लिखता है
आइसक्रीम, पान मसाला और तम्बाकू उत्पाद बनाने वाले जैसे कुछ कारोबार यह स्कीम ले ही नहीं सकते। अपनी पात्रता अपने CA से ज़रूर पुष्ट करें।
2. रेगुलर डीलर — exempt या nil-rated सप्लाई पर
अगर आप रेगुलर GST डीलर हैं, लेकिन ऐसा सामान या सेवा बेचते हैं जिस पर GST लगता ही नहीं — जैसे बिना प्रोसेस की ताज़ी सब्ज़ियाँ, ताज़ा दूध, या कुछ छूट वाली सेवाएँ — तो उस बिक्री पर Tax Invoice की जगह Bill of Supply जारी होता है।
अगर एक ही अनरजिस्टर्ड ग्राहक को टैक्स वाला और exempt दोनों तरह का सामान बेचा है, तो दो बिल बनाने की ज़रूरत नहीं। Rule 46A के तहत एक ही “invoice-cum-bill of supply” जारी किया जा सकता है।
Bill of Supply के ज़रूरी फ़ील्ड (Rule 49)
| # | फ़ील्ड | ध्यान रखें |
|---|---|---|
| 1 | सप्लायर का नाम, पता और GSTIN | जैसा रजिस्ट्रेशन में है |
| 2 | बिल नंबर | 16 अक्षर तक, क्रमवार, वित्तीय वर्ष में यूनीक; सिर्फ़ अक्षर, अंक, हाइफ़न (-) और स्लैश (/) |
| 3 | जारी करने की तारीख़ | |
| 4 | ख़रीदार का नाम, पता और GSTIN/UIN | अगर ख़रीदार रजिस्टर्ड है |
| 5 | HSN कोड (माल) या SAC (सेवा) | |
| 6 | सामान या सेवा का विवरण | |
| 7 | सप्लाई की कीमत | छूट (discount) घटाने के बाद |
| 8 | हस्ताक्षर या डिजिटल हस्ताक्षर | सप्लायर या उसके अधिकृत व्यक्ति के |
Tax Invoice से तुलना करें तो इसमें टैक्स की दर, टैक्स की रक़म और CGST/SGST/IGST का बंटवारा नहीं होता। बाक़ी ढाँचा लगभग वैसा ही है।
Composition डिक्लेरेशन — यह लाइन ज़रूर छापें
Composition डीलर के हर Bill of Supply के ऊपर यह लाइन लिखना ज़रूरी है:
Composition taxable person, not eligible to collect tax on supplies
इसका मतलब है: “मैं composition स्कीम में हूँ, और मुझे इस सप्लाई पर टैक्स वसूलने की अनुमति नहीं है।” इससे ख़रीदार को साफ़ हो जाता है कि इस बिल पर ITC नहीं मिलेगा।
यह लाइन हाथ से लिखने या रबर स्टाम्प से लगाने की जगह बिल के फ़ॉर्मेट में ही छपी होनी चाहिए, ताकि कोई बिल इसके बिना न जाए।
उदाहरण: एक ही बिक्री, दो तरह के बिल
मान लीजिए आपने अपने ही राज्य के एक दुकानदार को 10,000 रुपये का सामान बेचा, जिस पर सामान्य दर 18% है।
हालत 1: आप रेगुलर डीलर हैं — Tax Invoice
| विवरण | रक़म (₹) |
|---|---|
| सामान की कीमत (taxable value) | 10,000.00 |
| CGST 9% | 900.00 |
| SGST 9% | 900.00 |
| बिल की कुल रक़म | 11,800.00 |
ख़रीदार 11,800 रुपये देता है और 1,800 रुपये का ITC ले सकता है। आप 1,800 रुपये सरकार को जमा करते हैं (अपने ITC घटाकर)।
हालत 2: आप composition डीलर हैं — Bill of Supply
| विवरण | रक़म (₹) |
|---|---|
| सामान की कीमत | 10,000.00 |
| टैक्स | — |
| बिल की कुल रक़म | 10,000.00 |
बिल के ऊपर लिखा होगा: BILL OF SUPPLY और उसके नीचे composition डिक्लेरेशन।
ख़रीदार 10,000 रुपये देता है और कोई ITC नहीं ले सकता। आप इस बिक्री पर टर्नओवर का 1% — यानी 100 रुपये (50 CGST + 50 SGST) — अपनी जेब से CMP-08 में भरते हैं।
इस उदाहरण से क्या समझ आता है
- B2C ग्राहक (आम ग्राहक) को ITC से कोई मतलब नहीं, इसलिए उसके लिए composition डीलर का बिल सस्ता पड़ सकता है।
- B2B ग्राहक (रजिस्टर्ड दुकानदार) ITC चाहता है। उसके लिए रेगुलर डीलर से ख़रीदना अक्सर फ़ायदेमंद होता है, क्योंकि 1,800 रुपये उसे वापस मिल जाते हैं।
इसीलिए जिस कारोबार में ज़्यादातर ग्राहक रजिस्टर्ड कारोबारी हैं, वहाँ composition स्कीम लेने से पहले अच्छी तरह सोचना चाहिए। टैक्स का हिसाब लगाने के लिए GST कैलकुलेटर काम आता है।
Bill of Supply का एक सैंपल ढाँचा
कागज़ पर Bill of Supply कुछ इस तरह दिखता है:
BILL OF SUPPLY
Composition taxable person, not eligible to collect tax on supplies
[दुकान का नाम] बिल नंबर : BOS/26-27/0042
[पता] तारीख़ : 03-10-2026
GSTIN : [आपका GSTIN]
ख़रीदार : [नाम, पता] GSTIN : [अगर रजिस्टर्ड है]
क्र. विवरण HSN मात्रा दर (₹) रक़म (₹)
1 स्टील टिफ़िन बॉक्स 7323 10 450 4,500.00
2 प्लास्टिक बाल्टी 10 L 3924 20 125 2,500.00
कुल 7,000.00
अक्षरों में : सात हज़ार रुपये मात्र
[हस्ताक्षर]
ध्यान दें — इसमें कहीं भी CGST, SGST या टैक्स की दर का कॉलम नहीं है। कुल रक़म ही ग्राहक से ली जाने वाली रक़म है।
Composition से रेगुलर में कब जाना पड़ता है
Composition हमेशा के लिए नहीं है। इन हालात में आपको रेगुलर स्कीम में आना पड़ता है:
- टर्नओवर सीमा पार हो जाए — वित्तीय वर्ष के दौरान aggregate turnover 1.5 करोड़ रुपये (या आपके राज्य की लागू सीमा) पार होते ही composition का लाभ ख़त्म हो जाता है।
- दूसरे राज्य में माल बेचना शुरू करें — inter-state बिक्री composition में मना है।
- ऐसा सामान बनाने लगें जो स्कीम से बाहर है।
- आप ख़ुद रेगुलर में जाना चाहें — जैसे जब ज़्यादातर ग्राहक ITC माँगने लगें।
स्कीम छोड़ने के लिए पोर्टल पर तय फ़ॉर्म और समय-सीमा होती है, और उस दिन के स्टॉक पर ITC का दावा करने के नियम भी अलग हैं। यह बदलाव अपने CA की देखरेख में करें, ताकि बीच के महीने का हिसाब न बिगड़े।
छोटी ग़लतियाँ जो अक्सर होती हैं
- Composition में रहकर बिल पर “TAX INVOICE” छापना — ग़लत दस्तावेज़ है।
- बिल पर GST की रक़म जोड़ देना — composition डीलर टैक्स वसूल नहीं कर सकता; ऐसा करने पर कार्रवाई हो सकती है।
- Composition डिक्लेरेशन छोड़ देना — यह लाइन हर Bill of Supply के ऊपर ज़रूरी है।
- HSN कोड न लिखना — Bill of Supply पर भी HSN या SAC ज़रूरी है।
- बिल नंबर तोड़ना — नंबर क्रमवार और वित्तीय वर्ष में यूनीक होने चाहिए, ठीक Tax Invoice की तरह।
- स्कीम छोड़ने के बाद भी पुराना फ़ॉर्मेट चलाते रहना — जिस दिन आप रेगुलर स्कीम में आते हैं, उसी दिन से Tax Invoice जारी करना है।
Tax Invoice के नियम कहाँ पढ़ें
अगर आप रेगुलर डीलर हैं, तो Tax Invoice के सभी ज़रूरी फ़ील्ड, नंबरिंग और HSN के अंकों का नियम हमारे GST इनवॉइस फ़ॉर्मेट वाले लेख में है।
VyapRise में Bill of Supply
VyapRise में आपको अलग फ़ॉर्मेट बनाने की ज़रूरत नहीं। कंपनी सेटिंग में GST टाइप “composition” चुनते ही हर बिक्री बिल पर:
- शीर्षक अपने-आप “BILL OF SUPPLY” छपता है
- टैक्स 0% रहता है और GST के कॉलम नहीं आते
- “Composition taxable person, not eligible to collect tax on supplies” डिक्लेरेशन छपता है
HSN हर लाइन पर आइटम से आता है और बिल नंबर क्रम में बनते हैं। अगर बाद में आप रेगुलर स्कीम में चले जाएँ, तो GST टाइप “regular” करने के बाद नए बिल GST के साथ Tax Invoice के रूप में बनते हैं।
ज़्यादा जानकारी के लिए GST बिलिंग सॉफ़्टवेयर वाला पेज देखें।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। Composition स्कीम की सीमाएँ, दरें और शर्तें अधिसूचनाओं से बदलती रहती हैं — अपने कारोबार पर लागू नियम अपने CA या GST प्रैक्टिशनर से एक बार ज़रूर पुष्ट कर लें।
VyapRise में यह काम कैसे होता है
Composition चुनते ही Bill of Supply
कंपनी सेटिंग में GST टाइप composition चुनने पर VyapRise बिल का शीर्षक अपने-आप "BILL OF SUPPLY" कर देता है, टैक्स 0% रखता है और composition डिक्लेरेशन छापता है।
हर लाइन पर HSN
आइटम में डाला गया HSN कोड हर लाइन पर अपने-आप आता है, जो Bill of Supply पर भी ज़रूरी है।
क्रमवार नंबर, लॉक्ड सीरीज़
बिल नंबर प्रीफ़िक्स के साथ क्रम में अपने-आप बनते हैं, ताकि वित्तीय वर्ष में कोई नंबर दोहराया न जाए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Bill of Supply का हिंदी में मतलब क्या है?
Bill of Supply का सीधा मतलब है 'आपूर्ति का बिल': बिक्री का वह बिल जिस पर कोई GST नहीं लिखा और वसूला जाता। Composition डीलर हर बिक्री पर और रेगुलर डीलर छूट वाले (exempt) सामान या सेवा पर यही बिल देता है।
Tax Invoice क्या होता है?
Tax Invoice वह बिल है जो रेगुलर GST रजिस्टर्ड विक्रेता टैक्स वाली बिक्री पर देता है। इस पर GSTIN, HSN/SAC, टैक्सेबल वैल्यू और CGST + SGST या IGST की दर और रकम अलग से लिखी होती है (Rule 46), और रजिस्टर्ड ख़रीदार इसी बिल पर ITC लेता है।
'Composition taxable person, not eligible to collect tax on supplies' का हिंदी में मतलब क्या है?
इसका मतलब है: 'मैं composition स्कीम में रजिस्टर्ड हूँ, इसलिए अपनी बिक्री पर ग्राहक से टैक्स वसूल नहीं कर सकता।' Composition डीलर को यह लाइन अपने हर Bill of Supply पर छापनी होती है। इससे ग्राहक को पता चलता है कि बिल पर GST नहीं है और वह इस पर इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं ले सकता।
Bill of Supply और Tax Invoice में मुख्य अंतर क्या है?
Tax Invoice पर GST वसूला जाता है और रजिस्टर्ड ख़रीदार उस पर ITC ले सकता है। Bill of Supply पर कोई GST नहीं लगता, इसलिए उस पर ITC भी नहीं मिलता। Composition डीलर और exempt सामान बेचने वाले Bill of Supply जारी करते हैं।
क्या composition डीलर अपने बिल पर GST लिख सकता है?
नहीं। Composition डीलर ग्राहक से टैक्स वसूल नहीं कर सकता। उसे Bill of Supply देना है, जिसके ऊपर 'Composition taxable person, not eligible to collect tax on supplies' लिखा हो। उसका टैक्स टर्नओवर पर तय दर से बनता है, जो वह अपनी जेब से CMP-08 में भरता है।
Bill of Supply पर कौन-कौन से फ़ील्ड ज़रूरी हैं?
Rule 49 के अनुसार: सप्लायर का नाम, पता और GSTIN; 16 अक्षर तक का क्रमवार और वित्तीय वर्ष में यूनीक नंबर; तारीख़; रजिस्टर्ड ख़रीदार हो तो उसका नाम, पता और GSTIN; HSN या SAC कोड; सामान या सेवा का विवरण; सप्लाई की कीमत (छूट के बाद); और हस्ताक्षर या डिजिटल हस्ताक्षर।
क्या रेगुलर डीलर भी Bill of Supply बना सकता है?
हाँ, जब वह exempt या nil-rated सामान या सेवा बेचता है, जैसे बिना प्रोसेस की सब्ज़ियाँ। अगर वह एक ही अनरजिस्टर्ड ग्राहक को टैक्स वाला और exempt दोनों तरह का सामान बेचे, तो नियम एक ही 'invoice-cum-bill of supply' जारी करने की अनुमति देते हैं।
क्या composition डीलर दूसरे राज्य में माल बेच सकता है?
नहीं। Composition स्कीम में माल की अंतर-राज्यीय (inter-state) बिक्री की अनुमति नहीं है। अपने राज्य के अंदर ही बिक्री कर सकते हैं। ई-कॉमर्स से बिक्री के नियम 2023 में बदले थे, इसलिए अपनी स्थिति अपने CA से पुष्ट कर लें।
VyapRise में Bill of Supply कैसे बनता है?
कंपनी सेटिंग में GST टाइप composition चुनें। उसके बाद हर बिक्री बिल पर शीर्षक अपने-आप 'BILL OF SUPPLY' छपता है, टैक्स 0% रहता है और composition डिक्लेरेशन लिखा आता है। अलग से कुछ करने की ज़रूरत नहीं।