Taxation
GST Number Kaise Check Kare? GSTIN Verify करने का तरीका
GST number kaise check kare: GST पोर्टल पर Search Taxpayer से GSTIN verify करें। 15 अंकों का मतलब, state code, क्या-क्या देखें और फ़र्ज़ी GSTIN की पहचान।
संक्षेप में
GST number (GSTIN) चेक करने के लिए gst.gov.in पर Search Taxpayer → Search by GSTIN/UIN में 15 अंकों का GSTIN और captcha डालिए; पोर्टल business का legal name, trade name, status (Active या Cancelled), registration की तारीख़, taxpayer type (Regular या Composition) और रिटर्न भरने का रिकॉर्ड दिखाता है। नाम और status आपके बिल से मेल खाएँ, तभी उस GSTIN पर भरोसा कीजिए।
- GSTIN 15 अंकों का होता है: 2 अंक state code, 10 अक्षर PAN, 1 entity number, 'Z', और आख़िरी checksum अंक।
- GST पोर्टल पर GSTIN बिना login के verify किया जा सकता है (Search Taxpayer)।
- Status 'Active' न हो, या नाम बिल से अलग हो, तो उस बिल पर ITC ख़तरे में है।
- Composition वाले सप्लायर के बिल पर GST नहीं होता, इसलिए उस पर ITC नहीं मिलता।
- सप्लायर का रिटर्न भरने का रिकॉर्ड देखिए — GSTR-1 न भरे तो उसका बिल आपके GSTR-2B में नहीं आएगा।
GSTIN क्या है?
GSTIN (GST Identification Number) हर GST-registered business का 15 अंकों का नंबर है। आम बोलचाल में इसे GST number कहते हैं। यह हर टैक्स इनवॉइस पर छपता है, और इसी से तय होता है कि बिल किसके नाम का है और GST किस राज्य को जाएगा।
“GST number kaise check kare” इसलिए ज़रूरी है क्योंकि:
- ग़लत GSTIN पर बिल गया तो ITC नहीं मिलेगा। आपका बिल ग्राहक के GSTR-2B में नहीं, किसी और के में दिखेगा।
- फ़र्ज़ी या cancelled GSTIN के बिल पर लिया ITC वापस करना पड़ता है — ब्याज के साथ।
- Composition सप्लायर से ITC नहीं मिलता — उसका GSTIN देखकर पहले से पता चल जाता है।
GSTIN के 15 अंकों का मतलब
उदाहरण GSTIN: 24ABCDE1234F1Z5
| अंक | उदाहरण में | मतलब |
|---|---|---|
| 1–2 | 24 | State code (24 = गुजरात) |
| 3–12 | ABCDE1234F | Business का PAN |
| 13 | 1 | उसी PAN पर उस राज्य में पहला registration (1–9, फिर A–Z) |
| 14 | Z | आम तौर पर ‘Z’ |
| 15 | 5 | Checksum — ग़लत टाइपिंग पकड़ने वाला अंक |
कुछ राज्यों के state code
| राज्य | कोड | राज्य | कोड |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | 07 | गुजरात | 24 |
| राजस्थान | 08 | महाराष्ट्र | 27 |
| उत्तर प्रदेश | 09 | कर्नाटक | 29 |
| हरियाणा | 06 | तमिलनाडु | 33 |
| मध्य प्रदेश | 23 | पश्चिम बंगाल | 19 |
बिल के पते का राज्य और GSTIN के पहले दो अंक मेल खाने चाहिए। गुजरात के पते पर 27 से शुरू होने वाला GSTIN हो, तो कुछ ग़लत है।
GST पोर्टल पर GST number कैसे check करें: स्टेप बाय स्टेप
- gst.gov.in खोलिए। Login की ज़रूरत नहीं।
- ऊपर मेनू में Search Taxpayer → Search by GSTIN/UIN चुनिए।
- 15 अंकों का GSTIN डालिए, captcha भरिए, Search दबाइए।
- नतीजे में यह सब देखिए:
| क्या देखें | क्यों |
|---|---|
| Legal Name / Trade Name | बिल पर लिखे नाम से मिलना चाहिए |
| GSTIN Status | “Active” होना चाहिए, Cancelled या Suspended नहीं |
| Effective Date of Registration | बिल की तारीख़ registration के बाद की हो |
| Taxpayer Type | Regular या Composition — Composition वाले से ITC नहीं |
| State / Principal Place of Business | बिल के पते वाले राज्य से मेल |
| Return filing status | सप्लायर GSTR-1 और GSTR-3B समय पर भरता है या नहीं |
PAN से सारे registration देखने हों तो Search Taxpayer → Search by PAN चुनिए।
फ़र्ज़ी या ग़लत GSTIN की पहचान
- पोर्टल पर नंबर मिलता ही नहीं — टाइपिंग ग़लत, या नंबर ही नकली।
- Status Cancelled / Suspended है।
- Legal name बिल से अलग है।
- State code पते से मेल नहीं खाता।
- सप्लायर महीनों से रिटर्न नहीं भर रहा — उसका बिल आपके GSTR-2B में नहीं आएगा।
इनमें से कुछ भी दिखे तो पेमेंट से पहले सप्लायर से बात कीजिए। ITC बचाने के लिए हर महीने का मिलान: GSTR-2B Reconciliation।
अपने बिलों पर GSTIN सही रखने के नियम
- हर नए ग्राहक और सप्लायर का GSTIN पहली बार पोर्टल पर जाँचिए, फिर उसे सेव कीजिए।
- अपना GSTIN सप्लायरों को लिखित में दीजिए और बिल पर सही छपवाइए।
- बिल पर place of supply ध्यान से — इसी से CGST+SGST या IGST तय होता है।
- B2B ग्राहक का GSTIN बिल पर ज़रूर लिखिए। छूट गया तो बिल B2C बन जाता है और ग्राहक को ITC नहीं मिलता। देखें GSTR-1 kaise bhare।
GST बिल में और क्या-क्या ज़रूरी है: GST Bill Kaise Banaye।
VyapRise में GSTIN की जाँच
VyapRise में ग्राहक या सप्लायर का GSTIN सेव करते समय उसकी बनावट और checksum जाँचे जाते हैं, ताकि टाइपिंग की ग़लती वहीं पकड़ी जाए। GSTIN से state और place of supply तय होते हैं, और बिल पर CGST+SGST या IGST अपने-आप लगता है। GSTR-1 file करने से पहले filing desk का “Check before filing” हर GSTIN का check digit फिर से जाँचता है (GST reports Pro प्लान में हैं)। Legal name और status पोर्टल पर ही दिखते हैं, इसलिए नए party का GSTIN एक बार पोर्टल पर भी देख लीजिए।
यह गाइड अक्टूबर 2026 के GST पोर्टल पर आधारित है। पोर्टल के मेनू के नाम बदल सकते हैं।
VyapRise में यह काम कैसे होता है
GSTIN की जाँच सेव करते समय
VyapRise में ग्राहक या सप्लायर का GSTIN ग़लत हो (बनावट या checksum) तो सेव करते समय ही पकड़ा जाता है, और GSTIN से state और place of supply तय होते हैं — CGST+SGST या IGST अपने-आप।
File करने से पहले दोबारा
GST filing desk का 'Check before filing' GSTR-1 के हर GSTIN का check digit फिर से जाँचता है और बताता है क्या सुधारना है (GST reports Pro प्लान में हैं)।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
GST number kaise check kare?
gst.gov.in खोलिए → Search Taxpayer → Search by GSTIN/UIN → 15 अंकों का GSTIN और captcha डालकर Search। पोर्टल legal name, trade name, status, registration की तारीख़, business का प्रकार और रिटर्न भरने का रिकॉर्ड दिखाता है। इसके लिए login की ज़रूरत नहीं।
GSTIN के 15 अंकों का क्या मतलब है?
पहले 2 अंक state code (जैसे गुजरात 24, महाराष्ट्र 27), अगले 10 अक्षर business का PAN, 13वाँ अंक उसी PAN पर उस राज्य में कौन-सा registration, 14वाँ अक्षर आम तौर पर 'Z', और 15वाँ checksum अंक जो ग़लत टाइपिंग पकड़ता है।
क्या PAN से GST number पता कर सकते हैं?
हाँ। GST पोर्टल पर Search Taxpayer → Search by PAN में PAN डालकर उस PAN पर सारे GST registration (हर राज्य के) देखे जा सकते हैं।
फ़र्ज़ी GST number कैसे पहचानें?
पोर्टल पर GSTIN मिले ही नहीं, status Cancelled या Suspended हो, legal name बिल के नाम से अलग हो, या state code बिल के पते वाले राज्य से न मिले — इनमें से कुछ भी हो तो बिल पर भरोसा न करें और सप्लायर से पूछें।
GSTIN ग़लत लिखा हो तो क्या होता है?
बिल ग़लत GSTIN पर चला जाता है: खरीदार को GSTR-2B में ITC नहीं दिखता, और बेचने वाले को GSTR-1 में सुधार (amendment) करना पड़ता है। इसलिए हर नए ग्राहक का GSTIN पहली बार ही पोर्टल पर जाँच लीजिए।