Taxation
E-Way Bill Kaise Banaye? Part-A, Part-B, लिमिट और वैधता
E-Way Bill कैसे बनाएं: ₹50,000 से ज़्यादा के माल पर Part-A में बिल की जानकारी, Part-B में गाड़ी नंबर। PIN से PIN दूरी, वैधता, बढ़ाने का तरीका और पेनल्टी।
संक्षेप में
E-Way Bill माल की आवाजाही का डिजिटल परमिट है, जो आम तौर पर 50,000 रुपये से ज़्यादा कीमत का माल भेजने पर ewaybillgst.gov.in पर बनता है, चाहे बिक्री हो या न हो। इसे बनाने के लिए Part-A में GSTIN, बिल नंबर, कीमत, HSN और आवाजाही की वजह, और Part-B में गाड़ी नंबर भरते हैं।
- E-Way Bill की वैधता Part-B (गाड़ी नंबर) पहली बार भरने से गिनी जाती है, Part-A भरने से नहीं।
- आम कार्गो के लिए वैधता हर 200 किमी या उसके हिस्से पर 1 दिन है, और Over Dimensional Cargo के लिए हर 20 किमी पर 1 दिन; हर दिन अगले दिन की आधी रात को ख़त्म होता है।
- दूरी पोर्टल ख़ुद दोनों पिन कोड से निकालता है; असली रास्ता लंबा हो तो उससे 10% तक ज़्यादा दूरी भरी जा सकती है।
- वैधता सिर्फ़ एक्सपायरी से 8 घंटे पहले से 8 घंटे बाद तक की 16 घंटे की खिड़की में ही बढ़ाई जा सकती है; 1 जनवरी 2025 से कुल बढ़ोतरी बनने की तारीख़ से 360 दिन तक ही, और 180 दिन से पुराने दस्तावेज़ पर E-Way Bill नहीं बनता।
- एक ही राज्य में 50 किमी या कम दूरी पर (भेजने वाले से ट्रांसपोर्टर तक, या ट्रांसपोर्टर से लेने वाले तक) सिर्फ़ Part-B से छूट है; Part-A तब भी भरना पड़ता है।
- E-Way Bill न होने पर CGST की धारा 129 के तहत माल और गाड़ी दोनों रोके जा सकते हैं, और मालिक सामने आए तो देय टैक्स का 200% पेनल्टी लगती है।

E-Way Bill को सही तरह समझिए
E-Way Bill माल की आवाजाही के लिए एक डिजिटल परमिट है। इसका आपके टर्नओवर से कोई लेना-देना नहीं है।
यह बात दोहराने लायक़ है, क्योंकि यहीं सबसे ज़्यादा भ्रम होता है — चाहे आपका सालाना कारोबार 20 लाख का हो या 200 करोड़ का, अगर माल की कीमत सीमा से ज़्यादा है तो E-Way Bill बनेगा। E-Invoice की तरह यह टर्नओवर पर नहीं टिकता।
दूसरी अहम बात: यह बिक्री पर नहीं, आवाजाही पर बनता है। माल बिक रहा हो या सिर्फ़ एक गोदाम से दूसरे गोदाम जा रहा हो — दोनों में बनेगा।
Part-A में जिस बिल या चालान का नंबर भरना है, वह पहले बनाइए: फ्री GST बिल मेकर या फ्री डिलीवरी चालान मेकर, दोनों बिना साइन-अप। E-Way Bill नंबर इसके बाद पोर्टल पर ही बनता है।
कब बनाना ज़रूरी है
आम तौर पर जब एक कंसाइनमेंट की कीमत 50,000 रुपये से ज़्यादा हो।
पर इसमें दो पेच हैं:
पहला: 50,000 की सीमा अंतर-राज्यीय (एक राज्य से दूसरे राज्य) आवाजाही की सामान्य सीमा है। राज्य के अंदर की आवाजाही के लिए कई राज्यों ने अपनी अलग सीमा तय की है, जो अक्सर ऊँची होती है। अपने राज्य की अधिसूचना देखे बिना यह मान लेना कि हर जगह 50,000 ही है, जोखिम भरा है।
दूसरा: कुछ हालात में कीमत चाहे कम हो, E-Way Bill फिर भी अनिवार्य है — जैसे जॉब वर्क के लिए अंतर-राज्यीय आवाजाही, और हस्तशिल्प के सामान की अंतर-राज्यीय आवाजाही (जब भेजने वाला GST में रजिस्टर्ड न हो)।
किन-किन हालात में बनता है
- बिक्री — ग्राहक को माल भेजना
- ख़रीद — सप्लायर से माल मँगाना
- जॉब वर्क — कारीगर या दूसरी फ़ैक्ट्री में प्रोसेसिंग के लिए भेजना
- ब्रांच ट्रांसफ़र — अपनी ही दूसरी शाखा या गोदाम में स्टॉक भेजना
- वापसी — ख़राब या न बिका माल सप्लायर को लौटाना
- प्रदर्शनी / अप्रूवल — बेचने के लिए नहीं, दिखाने के लिए भेजना
- आयात/निर्यात — बंदरगाह या हवाई अड्डे तक की आवाजाही
कब नहीं बनता
- 50 किमी से कम, एक ही राज्य में, केवल Part-B से छूट (नीचे विस्तार से)
- छूट प्राप्त वस्तुएँ (जैसे कुछ कृषि उत्पाद)
- ग़ैर-मोटर वाहन से आवाजाही (जैसे हाथ ठेला)
- कस्टम पोर्ट से ICD/CFS तक की आवाजाही
Part-A और Part-B — असली फ़र्क
E-Way Bill एक ही फ़ॉर्म है — GST EWB-01 — जिसके दो हिस्से हैं। इनका फ़र्क समझ लेना सबसे ज़रूरी बात है।
Part-A — माल की जानकारी
- भेजने वाले और लेने वाले का GSTIN
- डिलीवरी की जगह और पिन कोड
- दस्तावेज़ का नंबर और तारीख़ (इनवॉइस, बिल ऑफ़ सप्लाई या डिलीवरी चालान)
- माल की कीमत
- HSN कोड
- आवाजाही की वजह
- ट्रांसपोर्ट डॉक्यूमेंट नंबर
Part-B — गाड़ी की जानकारी
- वाहन नंबर, या
- ट्रांसपोर्ट डॉक्यूमेंट नंबर (रेल, हवाई या जहाज़ से भेजने पर)
यह एक बात सबसे ज़्यादा पैसे बचाती है
वैधता की गिनती Part-B भरने से शुरू होती है, Part-A से नहीं।
इसका मतलब है कि आप बिल बनते ही Part-A भर सकते हैं और उसे तब तक छोड़ सकते हैं जब तक गाड़ी तय न हो जाए। घड़ी तभी चलेगी जब गाड़ी नंबर डलेगा।
बहुत सारे कारोबारी दोनों हिस्से एक साथ भर देते हैं, फिर ट्रक लगने में एक दिन लग जाता है — और वैधता का एक पूरा दिन बिना कोई किलोमीटर चले ख़त्म हो जाता है।
वैधता कैसे गिनी जाती है
| कार्गो का प्रकार | वैधता |
|---|---|
| आम कार्गो | हर 200 किमी या उसके हिस्से पर 1 दिन |
| Over Dimensional Cargo (ODC) | हर 20 किमी या उसके हिस्से पर 1 दिन |
| जहाज़ शामिल हो, ऐसी मल्टीमॉडल आवाजाही | हर 20 किमी या उसके हिस्से पर 1 दिन |
यहाँ “1 दिन” न 24 घंटे है, न उसी दिन की आधी रात — हर दिन अगले दिन की आधी रात को ख़त्म होता है (नियम 138(10))। 3 अक्टूबर की शाम 6 बजे भरा गया Part-B, 1 दिन की वैधता के साथ, 4 अक्टूबर की रात 12 बजे तक वैध रहेगा — 4 अक्टूबर की शाम 6 बजे तक नहीं।
“या उसके हिस्से पर” का मतलब यह है कि 250 किमी के लिए 2 दिन मिलेंगे, 1.25 दिन नहीं।
उदाहरण
अहमदाबाद से मुंबई लगभग 530 किमी है। आम कार्गो के लिए: 530 ÷ 200 = 2.65 → 3 दिन की वैधता
दूरी (Distance) कैसे भरें — PIN से PIN
वैधता दूरी से तय होती है, इसलिए Part-A में भरी गई दूरी सीधे यह तय करती है कि माल कितने दिन चल सकता है।
- पोर्टल दूरी ख़ुद निकालता है। भेजने और पहुँचाने की जगह के पिन कोड डालते ही E-Way Bill पोर्टल दोनों के बीच की PIN-से-PIN दूरी अपने-आप भर देता है।
- 10% तक ज़्यादा भर सकते हैं। अगर असली रास्ता लंबा है (डायवर्ज़न, बंद सड़क), तो पोर्टल की दूरी से 10% तक ज़्यादा दूरी भरी जा सकती है — इससे ज़्यादा नहीं।
- एक ही पिन कोड हो तो — भेजने और पहुँचाने की जगह एक ही पिन कोड में हो, तो ज़्यादा से ज़्यादा 100 किमी भरी जा सकती है।
- पहले से देख लें। ewaybillgst.gov.in पर “Search” मेन्यू में PIN to PIN distance देखने की सुविधा है — गाड़ी तय करने से पहले वैधता का अंदाज़ा वहीं लग जाता है।
ऊपर वाले उदाहरण में अगर पोर्टल 530 किमी दिखाए और रास्ता बदलकर 580 किमी हो जाए, तो 583 किमी (530 + 10%) तक भरा जा सकता है — और वैधता फिर भी 3 दिन ही रहेगी।
वैधता कैसे बढ़ाएँ
अगर गाड़ी ख़राब हो गई, रास्ता बंद मिला, या डिलीवरी में देर हो रही है, तो वैधता बढ़ाई जा सकती है — पर खिड़की बहुत छोटी है।
वैधता एक्सपायर होने से 8 घंटे पहले से लेकर एक्सपायर होने के 8 घंटे बाद तक — कुल 16 घंटे की खिड़की।
इसके बाद कोई रास्ता नहीं बचता। न बढ़ा सकते हैं, न नया बना सकते हैं (माल तो पहले ही चल चुका है), और माल बिना वैध E-Way Bill के चलता हुआ माना जाएगा।
1 जनवरी 2025 से दो और सीमाएँ: वैधता बनने की तारीख़ से कुल 360 दिन से ज़्यादा नहीं बढ़ाई जा सकती, और 180 दिन से पुराने दस्तावेज़ (बिल या चालान) पर E-Way Bill बनता ही नहीं।
इसीलिए यह देखना ज़रूरी है कि आपका सॉफ़्टवेयर एक्सपायरी से पहले चेतावनी देता है या नहीं। जिस दिन 40 गाड़ियाँ चल रही हों, उस दिन याददाश्त पर भरोसा करना ठीक नहीं।
बढ़ाते समय गाड़ी की मौजूदा जगह और बची हुई दूरी बतानी पड़ती है, और उसी हिसाब से नई वैधता मिलती है।
50 किमी वाली छूट — इसे ग़लत मत समझिए
यह GST की सबसे ज़्यादा ग़लत समझी जाने वाली छूटों में से है।
सही बात: अगर माल एक ही राज्य के अंदर 50 किमी या कम दूरी तक जा रहा हो — भेजने वाले के यहाँ से ट्रांसपोर्टर तक, या ट्रांसपोर्टर से लेने वाले तक — तो सिर्फ़ Part-B भरने से छूट है।
ग़लत समझ: “50 किमी के अंदर कुछ नहीं बनाना।”
Part-A तब भी भरना है। छूट सिर्फ़ गाड़ी नंबर डालने की है, पूरे E-Way Bill की नहीं। यह ग़लतफ़हमी जाँच के समय बहुत महँगी पड़ती है।
एक ही गाड़ी में कई कंसाइनमेंट — Consolidated E-Way Bill
अगर एक ही ट्रक में अलग-अलग पार्टियों के कई कंसाइनमेंट जा रहे हैं, तो ड्राइवर को दस अलग-अलग E-Way Bill थमाने की ज़रूरत नहीं।
Form GST EWB-02 से एक consolidated E-Way Bill बनाया जा सकता है, जिसमें सारे अलग-अलग E-Way Bill नंबर एक साथ जुड़ जाते हैं। ड्राइवर के पास एक ही दस्तावेज़ रहता है।
ध्यान रहे — consolidated E-Way Bill अलग-अलग E-Way Bill की जगह नहीं लेता। पहले हर कंसाइनमेंट का अपना E-Way Bill बनेगा, फिर उन सबको एक consolidated में जोड़ा जाएगा।
ट्रांसपोर्टरों और डिस्ट्रिब्यूटरों के लिए यह रोज़ का काम है, और यही वह जगह है जहाँ पोर्टल पर हाथ से काम करना सबसे ज़्यादा समय खाता है।
न बनाने पर कितना नुक़सान
यह GST के सबसे तुरंत और सबसे भारी दंडों में से है। CGST की धारा 129 के तहत माल और गाड़ी दोनों रोके जा सकते हैं।
| स्थिति | पेनल्टी |
|---|---|
| माल का मालिक सामने आ जाए | देय टैक्स का 200% |
| मालिक सामने न आए | माल की कीमत का 50%, या देय टैक्स का 200% — जो ज़्यादा हो |
पर असली नुक़सान पेनल्टी से बड़ा है। एक अटका हुआ ट्रक मतलब — डिलीवरी लेट, ग्राहक नाराज़, ड्राइवर और गाड़ी दोनों बेकार खड़े, और छुड़ाने के लिए दौड़-भाग।
आम ग़लतियाँ
- Part-B बहुत जल्दी भर देना — गाड़ी तय होने से पहले भरने पर वैधता बेकार में ख़र्च होती है
- एक्सपायरी के बाद जागना — 8 घंटे की खिड़की निकल गई तो कुछ नहीं हो सकता
- 50 किमी की छूट को पूरी छूट समझना — Part-A तब भी ज़रूरी है
- राज्य की अपनी सीमा न देखना — हर जगह 50,000 नहीं है
- बिना बिक्री वाली आवाजाही छोड़ देना — जॉब वर्क और ब्रांच ट्रांसफ़र पर भी बनता है
- डॉक्यूमेंट टाइप ग़लत चुनना — डिलीवरी चालान पर भेज रहे हैं तो “Tax Invoice” नहीं, “Delivery Challan” चुनिए
- दूरी अंदाज़े से भरना — कम दूरी डालने पर वैधता कम मिलती है और रास्ते में ख़त्म हो जाती है
- कैंसिल करने में देर — 24 घंटे के अंदर, और वेरिफ़िकेशन से पहले ही कैंसिल हो सकता है
अगर आप E-Invoice भी बनाते हैं
तो एक शॉर्टकट है जिसका फ़ायदा बहुत कम लोग उठाते हैं।
IRP को इनवॉइस भेजते समय अगर ट्रांसपोर्ट की डिटेल भी साथ भेज दी जाए, तो IRN के साथ E-Way Bill नंबर भी उसी जवाब में मिल जाता है। दो पोर्टल, दो लॉगिन और दो बार डेटा एंट्री — तीनों बच जाते हैं।
पूरी तुलना E-Invoice और E-Way Bill के अंतर वाले लेख में पढ़िए।
आगे क्या पढ़ें
- E-Invoice और E-Way Bill में क्या अंतर है
- E-Invoice (IRN) कैसे बनाएँ
- डिलीवरी चालान क्या है और कब बनता है
माल भेजने के लिए चालान चाहिए? फ्री डिलीवरी चालान मेकर से बिना साइन-अप के PDF बनाइए।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। GST की सीमाएँ और नियम अधिसूचनाओं से बदलते रहते हैं, और राज्य के अंदर की सीमाएँ अलग-अलग हैं — अपने कारोबार पर लागू नियम अपने CA या GST प्रैक्टिशनर से एक बार ज़रूर पुष्ट कर लें।
VyapRise में यह काम कैसे होता है
E-Way Bill नंबर पोर्टल पर बनता है
VyapRise E-Way Bill नंबर नहीं बनाता; नंबर ewaybillgst.gov.in पर ही बनता है। Pro प्लान पर VyapRise पोर्टल के 'Generate Bulk' के लिए JSON फ़ाइल तैयार करता है, जिसे अपलोड करके नंबर बनते हैं। VyapRise के बिल और चालान में E-Way Bill नंबर का खाना नहीं है, इसलिए E-Way Bill का प्रिंट ड्राइवर के कागज़ों के साथ रखें।
Part-A की जानकारी पहले से तैयार
VyapRise के बिल में GSTIN, हर आइटम का HSN कोड और टैक्सेबल वैल्यू अलग दिखती है — Part-A भरते समय यही चाहिए।
चालान पर गाड़ी और E-Way Bill नंबर
फ्री डिलीवरी चालान मेकर में गाड़ी नंबर, ट्रांसपोर्टर और E-Way Bill नंबर लिखने की जगह है, ताकि ड्राइवर के पास एक ही कागज़ रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
E-Way Bill कैसे बनाएं, स्टेप क्या हैं?
ewaybillgst.gov.in पर अपने GSTIN से लॉगिन करें, e-Waybill मेन्यू में Generate New चुनें। Part-A में लेन-देन का प्रकार, बिल या चालान का नंबर और तारीख़, दोनों पक्षों के GSTIN और पिन कोड, आइटम, HSN, कीमत और टैक्स भरें; Part-B में गाड़ी नंबर या ट्रांसपोर्टर का दस्तावेज़ नंबर। सबमिट करने पर 12 अंकों का E-Way Bill नंबर मिलता है।
E-Way Bill किस कीमत से ज़रूरी है?
आम तौर पर एक कंसाइनमेंट की कीमत 50,000 रुपये से ज़्यादा होने पर। यह अंतर-राज्यीय आवाजाही की सामान्य सीमा है। राज्य के अंदर की आवाजाही के लिए कई राज्यों ने अपनी अलग सीमा तय कर रखी है, जो अक्सर इससे ऊँची होती है — इसलिए अपने राज्य की अधिसूचना ज़रूर देख लें।
वैधता कब से गिनी जाती है — Part-A से या Part-B से?
Part-B से। जब तक Part-B (गाड़ी नंबर) नहीं भरा जाता, वैधता की घड़ी शुरू ही नहीं होती। इसीलिए Part-A पहले से भरकर रखा जा सकता है और गाड़ी तय होने पर ही Part-B डालना चाहिए — वरना वैधता का समय बेकार में ख़र्च होता रहेगा।
वैधता ख़त्म होने के बाद बढ़ा सकते हैं क्या?
हाँ, पर खिड़की बहुत छोटी है — एक्सपायरी से 8 घंटे पहले से लेकर 8 घंटे बाद तक। इस अवधि में ही बढ़ाया जा सकता है। इसके बाद कोई रास्ता नहीं बचता, और माल बिना वैध E-Way Bill के चलता हुआ माना जाएगा।
E-Way Bill बनाने के बाद उसमें सुधार हो सकता है?
Part-B यानी गाड़ी नंबर जितनी बार चाहें बदल सकते हैं — रास्ते में ट्रक बदलना आम बात है। लेकिन Part-A का कोई भी डेटा — GSTIN, बिल नंबर, कीमत, HSN — बदला नहीं जा सकता। ग़लती हो जाए तो 24 घंटे के अंदर पूरा E-Way Bill कैंसिल करके नया बनाना पड़ेगा, बशर्ते रास्ते में किसी अधिकारी ने उसे वेरिफ़ाई न किया हो।
क्या बिना बिक्री के भी E-Way Bill बनता है?
हाँ। E-Way Bill बिक्री पर नहीं, माल की आवाजाही पर बनता है। जॉब वर्क के लिए कारीगर को माल भेजना, अपनी ही दूसरी शाखा में स्टॉक ट्रांसफर, प्रदर्शनी के लिए माल भेजना, या ख़राब माल वापस भेजना — इन सब में बिक्री नहीं होती पर E-Way Bill ज़रूरी है। ऐसे में दस्तावेज़ के तौर पर डिलीवरी चालान चुना जाता है।
E-Way Bill में दूरी (distance) कैसे भरें?
दोनों पिन कोड डालते ही पोर्टल PIN से PIN दूरी अपने-आप भर देता है। असली रास्ता लंबा हो तो आप उससे 10% तक ज़्यादा दूरी भर सकते हैं, इससे ज़्यादा नहीं। भेजने और पहुँचाने की जगह का पिन कोड एक ही हो तो ज़्यादा से ज़्यादा 100 किमी भरी जा सकती है। यही दूरी तय करती है कि E-Way Bill कितने दिन वैध रहेगा।
50 किमी वाली छूट का सही मतलब क्या है?
अगर माल एक ही राज्य के अंदर 50 किमी या उससे कम दूरी तक जा रहा हो — भेजने वाले के यहाँ से ट्रांसपोर्टर तक, या ट्रांसपोर्टर से लेने वाले तक — तो सिर्फ़ Part-B भरने से छूट है। पूरे E-Way Bill से छूट नहीं है। Part-A तब भी भरना पड़ेगा। बहुत लोग इसे 'कुछ नहीं बनाना' समझ लेते हैं और यही ग़लती पकड़ी जाती है।