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Proforma Invoice Kya Hota Hai? मतलब, Format और उदाहरण
Proforma Invoice का मतलब: माल या सेवा से पहले एडवांस माँगने को भेजा गया अनुमानित बिल; इस पर GST देनदारी नहीं। Tax Invoice से अंतर, उदाहरण, फ्री मेकर।
संक्षेप में
Proforma Invoice का मतलब है प्रारंभिक बिल: माल या सेवा देने से पहले ग्राहक को भेजा गया अनुमानित बिल, ताकि उसे कुल रकम पता चले और एडवांस या मंज़ूरी मिल सके। यह GST का दस्तावेज़ नहीं है: इससे न टैक्स की देनदारी बनती है, न ITC मिलता है; असली बिक्री पर अलग Tax Invoice बनता है।
- प्रोफार्मा इनवॉइस ऑफ़र या एडवांस की माँग है; यह खाते में बिक्री के रूप में दर्ज नहीं होता और GSTR-1 में नहीं जाता।
- ग्राहक प्रोफार्मा पर ITC नहीं ले सकता; ITC सिर्फ़ असली Tax Invoice पर मिलता है।
- माल के लिए मिले एडवांस पर अभी GST देय नहीं है, लेकिन सेवाओं के एडवांस पर GST उसी समय देय होता है और Receipt Voucher बनता है।
- प्रोफार्मा की नंबर सीरीज़ टैक्स इनवॉइस से अलग रखें (जैसे PI-), ताकि बिल की सीरीज़ में खाली जगह न बने।
- माल या सेवा देने पर उसी सौदे का Tax Invoice पूरी रकम का बनता है, और उसमें मिला हुआ एडवांस घटाकर बाकी रकम माँगी जाती है।

Proforma Invoice क्या है?
प्रोफार्मा इनवॉइस (Proforma Invoice) एक प्रारंभिक बिल (Preliminary Bill) है, जो माल की डिलीवरी या सेवा देने से पहले ग्राहक को भेजा जाता है। यह दिखने में बिल जैसा होता है — आइटम, मात्रा, रेट, GST और कुल रकम सब लिखा होता है — पर यह असली बिल नहीं है।
इसे ऐसे समझिए: प्रोफार्मा कहता है “अगर आप यह ऑर्डर पक्का करते हैं, तो आपका बिल ऐसा दिखेगा।” असली बिल (Tax Invoice) तब बनता है जब माल सच में जाता है।
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इसे कब इस्तेमाल किया जाता है?
- एडवांस पेमेंट माँगने के लिए — माल बनाने या मँगाने से पहले ग्राहक से एडवांस चाहिए हो।
- ग्राहक की अंदरूनी मंज़ूरी के लिए — बड़ी कंपनियों और सरकारी विभागों में ख़रीद की फ़ाइल चलाने के लिए बिल जैसा कागज़ चाहिए होता है।
- लोन या LC के लिए — ग्राहक को बैंक में दिखाने के लिए, जैसे मशीन लोन या एक्सपोर्ट में LC।
- इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट में — विदेशी ख़रीदार अपने देश में लाइसेंस और कस्टम्स की तैयारी प्रोफार्मा के आधार पर करता है।
Proforma और Tax Invoice में अंतर
| आधार | Proforma Invoice | Tax Invoice |
|---|---|---|
| कब बनता है | सप्लाई से पहले | माल भेजते समय / सेवा के बाद |
| मक़सद | ऑफ़र, एडवांस या मंज़ूरी | बिक्री का रिकॉर्ड और पेमेंट की माँग |
| GST की देनदारी | नहीं बनती | बनती है |
| ग्राहक का ITC | नहीं मिलता | मिलता है (B2B में) |
| GSTR-1 में | नहीं जाता | जाता है |
| खाते में बिक्री | दर्ज नहीं होती | दर्ज होती है |
| नंबर सीरीज़ | अलग (जैसे PI-) | इनवॉइस की अपनी लगातार सीरीज़ |
| बदलाव | आसानी से नया संस्करण | Credit/Debit Note से ही |
यह तुलना और विस्तार से Proforma Invoice vs Tax Invoice में है।
एक उदाहरण: एडवांस के साथ सौदा
एक मशीन-पार्ट निर्माता को ₹1,50,000 का ऑर्डर मिलता है। मान लीजिए GST 18% है। ग्राहक 30% एडवांस देने को तैयार है।
प्रोफार्मा इनवॉइस PI-0021:
| विवरण | रकम |
|---|---|
| टैक्सेबल वैल्यू | ₹1,50,000 |
| GST 18% | ₹27,000 |
| कुल | ₹1,77,000 |
| 30% एडवांस माँगा | ₹53,100 |
ग्राहक ₹53,100 भेज देता है। तीन हफ़्ते बाद माल तैयार होकर जाता है, तब Tax Invoice बनता है:
- इनवॉइस की कुल रकम: ₹1,77,000 (पूरी रकम, एडवांस घटाकर नहीं)
- पहले मिला एडवांस: ₹53,100
- ग्राहक से बाकी लेना: ₹1,23,900
GST यहाँ ₹27,000 पूरा इसी इनवॉइस पर, इसी महीने देय होता है, क्योंकि यह माल की सप्लाई है और माल के एडवांस पर GST पहले नहीं लगता।
अगर यही सौदा सेवा का होता (जैसे मशीन की सालाना मेंटेनेंस), तो नियम बदल जाता। सेवा के एडवांस पर GST एडवांस मिलने वाले महीने में देय होता है:
- एडवांस ₹53,100 में GST = ₹53,100 × 18 ÷ 118 = ₹8,100
- इस ₹8,100 के लिए Receipt Voucher बनता है और यह उसी महीने के रिटर्न में जाता है।
- बाद में इनवॉइस बनने पर सिर्फ़ बाकी GST (₹27,000 − ₹8,100 = ₹18,900) देय रहता है।
Receipt Voucher के नियम पेमेंट रसीद और Receipt Voucher में समझाए गए हैं।
प्रोफार्मा बनाते समय होने वाली आम गलतियाँ
- शीर्षक में “Tax Invoice” लिख देना। ग्राहक उस पर ITC लेने की कोशिश करेगा, जो नहीं मिलेगा।
- प्रोफार्मा और टैक्स इनवॉइस की एक ही नंबर सीरीज़। हर प्रोफार्मा जो बिल में नहीं बदलता, बिल की सीरीज़ में खाली जगह छोड़ देता है।
- प्रोफार्मा को GSTR-1 में डाल देना। इससे ऐसी बिक्री पर टैक्स भर दिया जाता है जो अभी हुई ही नहीं।
- टैक्स इनवॉइस बनाना भूल जाना। एडवांस आ गया, माल चला गया, पर बिल नहीं बना — बिक्री रिटर्न से छूट गई।
- सेवा के एडवांस पर GST न भरना। माल का नियम सेवा पर लगा देना एक आम गलती है।
- इनवॉइस पर एडवांस घटाकर टैक्सेबल वैल्यू कम कर देना। टैक्स पूरी सप्लाई की वैल्यू पर लगता है; एडवांस सिर्फ़ बाकी लेने वाली रकम घटाता है।
VyapRise में प्रोफार्मा इनवॉइस
- Proforma Invoice मेन्यू से नया प्रोफार्मा बनाएँ। ग्राहक और आइटम चुनें — HSN, GST % और CGST + SGST या IGST अपने-आप आते हैं।
- इसकी नंबर सीरीज़ अलग (PI-) है, इसलिए आपकी टैक्स इनवॉइस की सीरीज़ पर असर नहीं पड़ता।
- प्रिंट करें या PDF बनाकर फ़ोन के शेयर बटन से WhatsApp पर भेजें।
- एडवांस आने पर उसे Payment Receipts (Pro) में ग्राहक के नाम दर्ज करें।
- माल जाते समय प्रोफार्मा की लिस्ट में उस प्रोफार्मा पर Convert to Invoice चुनें (या Sale Invoices में नया बिल बनाएँ)। आइटम और रेट अपने-आप आते हैं, और टैक्स इनवॉइस को अपनी सीरीज़ का अगला नंबर मिलता है। बिक्री और स्टॉक की एंट्री इसी इनवॉइस से होती है, प्रोफार्मा से नहीं।
प्रोफार्मा इनवॉइस VyapRise के Pro प्लान (सालाना) में है, और फ्री ट्रायल में भी खुला रहता है; Pro में इसे बनाने की कोई सीमा नहीं। सेव किया हुआ सेल्स इनवॉइस VyapRise से ग्राहक को ईमेल हो जाता है; प्रोफार्मा की PDF डाउनलोड करके या फ़ोन के शेयर बटन से भेजें।
आगे क्या करें
एक प्रोफार्मा अभी भेजना है तो फ्री प्रोफार्मा इनवॉइस जेनरेटर से बिना साइन-अप के PDF बनाइए।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। एडवांस पर GST के नियम आपकी सप्लाई के प्रकार पर निर्भर करते हैं — अपनी स्थिति अपने CA से एक बार ज़रूर पुष्ट कर लें।
VyapRise में यह काम कैसे होता है
अलग PI- सीरीज़
Proforma Invoice (Pro) की अपनी नंबर सीरीज़ है, इसलिए टैक्स इनवॉइस की सीरीज़ लगातार बनी रहती है।
खाते और स्टॉक पर असर नहीं
प्रोफार्मा से न स्टॉक घटता है, न बिक्री दर्ज होती है। बिक्री तभी दर्ज होती है जब Sale Invoices में टैक्स इनवॉइस बनता है।
एडवांस का रिकॉर्ड
एडवांस मिलने पर Payment Receipts (Pro) में ग्राहक के नाम दर्ज करें, ताकि उसके लेजर में रकम दिखे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Proforma Invoice का हिंदी में मतलब क्या है?
Proforma Invoice का हिंदी में मतलब है प्रारंभिक या अनुमानित बिल। 'Proforma' का अर्थ है 'पहले से, औपचारिकता के लिए'। यह सौदा पक्का होने या माल भेजने से पहले ग्राहक को दिया जाता है, ताकि वह कुल रकम देखकर एडवांस दे या ऑर्डर मंज़ूर करे। यह असली बिल नहीं है।
Proforma Invoice का फ़ॉर्मेट क्या होता है?
ऊपर साफ़ 'Proforma Invoice' लिखें, फिर PI नंबर और तारीख, अपना और ग्राहक का नाम, पता और GSTIN, आइटम, HSN, मात्रा, रेट, GST की दर और रकम, कुल रकम, एडवांस कितना चाहिए, वैधता, बैंक डिटेल और शर्तें। 'Tax Invoice' शब्द और टैक्स इनवॉइस की नंबर सीरीज़ इस्तेमाल न करें।
क्या Proforma Invoice पेमेंट के लिए बाध्य करता है?
नहीं। प्रोफार्मा इनवॉइस कानूनी रूप से पेमेंट की माँग नहीं है, यह एक ऑफ़र या एडवांस का अनुरोध है। पेमेंट की कानूनी माँग Tax Invoice से बनती है।
क्या प्रोफार्मा इनवॉइस पर GST लिखना चाहिए?
हाँ, ग्राहक को कुल रकम समझ आए इसके लिए GST की दर और रकम दिखाना ठीक है। लेकिन इस पर लिखा GST आपकी देनदारी नहीं बनाता और GSTR-1 में नहीं जाता। ऊपर साफ़ 'Proforma Invoice' लिखें, ताकि कोई इसे टैक्स इनवॉइस न समझे।
प्रोफार्मा पर मिले एडवांस पर GST कब भरना होता है?
माल (Goods) के एडवांस पर GST अभी देय नहीं है — 2017 की एक अधिसूचना से यह छूट मिली हुई है; टैक्स माल का इनवॉइस बनने पर लगता है। सेवाओं (Services) के एडवांस पर GST उसी महीने देय होता है जिसमें एडवांस मिला, और उसके लिए Receipt Voucher बनता है। अपनी स्थिति अपने CA से पुष्ट कर लें।
क्या प्रोफार्मा इनवॉइस को बाद में Tax Invoice बना सकते हैं?
उसी प्रोफार्मा पर 'Tax Invoice' लिख देना सही नहीं है। माल भेजते समय या सेवा देने पर टैक्स इनवॉइस अपनी सीरीज़ के अगले नंबर से, उस दिन की तारीख पर बनता है। रकम और आइटम प्रोफार्मा वाले ही हो सकते हैं।
एक्सपोर्ट में प्रोफार्मा इनवॉइस क्यों माँगा जाता है?
विदेशी ख़रीदार अक्सर प्रोफार्मा के आधार पर अपने बैंक से LC (Letter of Credit) खुलवाता है, इम्पोर्ट लाइसेंस लेता है या अपनी कस्टम्स की तैयारी करता है। माल भेजते समय असली कमर्शियल और टैक्स इनवॉइस अलग से बनते हैं।