फ्री ग्राहक लेजर सॉफ्टवेयर
ग्राहक खाता (लेजर) और बकाया पेमेंट ट्रैकर
पारंपरिक बही-खाते को डिजिटल बनाएं। हर ग्राहक के लेजर, इनवॉइस और पेमेंट्स आसानी से ट्रैक करें (सप्लायर के लेजर के लिए परचेज़ बिल Pro में हैं) — Free प्लान में चालू महीने का लेजर हमेशा के लिए फ्री; किसी भी अवधि का स्टेटमेंट, PDF और रसीदें Pro में।
- क्रेडिट कार्ड की ज़रूरत नहीं
- Free में 10 ग्राहक, Pro में अनलिमिटेड
- एजिंग रिपोर्ट शामिल

ग्राहक खाते का पूरा हिसाब, एक जगह
बिक्री दर्ज करने से पेमेंट वसूलने तक, ग्राहक के खाते का हर हिस्सा एक ही जगह।
पार्टी-वार लेजर
बिल, रसीद, क्रेडिट नोट और डेबिट नोट से लेजर में एंट्री अपने-आप होती है। हर लेन-देन चलते बैलेंस के साथ दिखता है।
किसी भी अवधि का स्टेटमेंट
पूरा समय, इस महीने, पिछले महीने, इस तिमाही या इस साल — या अपनी तारीख से तारीख तक चुनें। ओपनिंग और क्लोज़िंग बैलेंस उसी अवधि के हिसाब से आते हैं। Free प्लान में चालू महीना दिखता है; बाक़ी अवधि Pro में।
डाउनलोड, प्रिंट या शेयर
स्टेटमेंट PDF में डाउनलोड या प्रिंट करें (Pro), या पेमेंट याद दिलाते समय ग्राहक को WhatsApp पर भेजें।
बकाया की एजिंग
बकाया रकम कितनी पुरानी है, उसके हिसाब से बंटी हुई — अभी ड्यू नहीं, 0–30, 31–60, 61–90 और 90 दिन से ज़्यादा। जोखिम वाले खाते जल्दी पहचानें।
बकाया रिपोर्ट्स
ग्राहक-वार बकाया और रिसीवेबल एजिंग रिपोर्ट। अपने विश्लेषण या CA के लिए CSV या PDF में एक्सपोर्ट करें (Pro)।
पेमेंट रसीद
नकद, UPI या बैंक से आया पेमेंट ग्राहक के बिलों के सामने दर्ज करें। सेव करते ही लेजर और बकाया अपडेट हो जाते हैं। अलग रसीद Pro में है; Free में पेमेंट इनवॉइस पर ही दर्ज होता है।
VyapRise में ग्राहक लेजर कैसे काम करता है
अलग से बही लिखने की ज़रूरत नहीं। जैसे-जैसे आप बिल और रसीद बनाते हैं, लेजर अपने-आप अपडेट होता है।
- 01
ग्राहक (पार्टी) जोड़ें
नाम, पता, फ़ोन, GSTIN और क्रेडिट अवधि के साथ ग्राहक जोड़ें, और पुरानी खाता बुक का ओपनिंग बैलेंस भी। पुराने ग्राहक Excel या CSV से इम्पोर्ट करें।
- 02
बिल और रसीद बनाएं
हर बिल और पेमेंट रसीद (Pro) से लेजर एंट्री अपने-आप बनती है। अलग से डबल-एंट्री करने की ज़रूरत नहीं।
- 03
ट्रैक करें और वसूली करें
बकाया बैलेंस देखें, एजिंग रिपोर्ट जांचें, स्टेटमेंट WhatsApp पर भेजें और आया हुआ पेमेंट रसीद के रूप में (Pro) या Free में इनवॉइस पर ही दर्ज करें।
हर बिजनेस को डिजिटल ग्राहक लेजर क्यों चाहिए
ग्राहक लेजर (जिसे पार्टी लेजर या देनदार खाता भी कहते हैं) आपके और किसी एक ग्राहक के बीच हुए हर लेन-देन का पूरा हिसाब है। इसमें हर बिल, हर मिला पेमेंट, क्रेडिट नोट और डेबिट नोट दर्ज होता है, और किसी भी समय पता रहता है कि उस ग्राहक पर आपका कितना बकाया है।
होलसेलर, डिस्ट्रीब्यूटर, मैन्युफैक्चरर और B2B व्यापारियों के लिए उधार दोधारी तलवार है। उधार देने से बिक्री बढ़ती है, लेकिन समय पर तकादा न हो तो पैसा डूबता है और नकदी अटक जाती है। डिजिटल लेजर हिसाब की गलतियाँ खत्म करता है, ड्यू तारीखें सामने रखता है और दिखाता है कि कौन-सा पैसा कितने दिन से बकाया है — यही आंकड़ा Days Sales Outstanding (DSO) के पीछे है, जो बताता है कि उधार की बिक्री कितनी जल्दी नकद में बदलती है।
बकाया की एजिंग: किस बकाये पर क्या करें
एजिंग रिपोर्ट बकाया रकम को इस हिसाब से बांटती है कि बिल कितने दिन से बिना भुगतान के पड़ा है। हर श्रेणी के लिए वसूली का एक सुझाया तरीका:
| अवधि | जोखिम | सुझाया कदम | VyapRise में |
|---|---|---|---|
| 0–30 दिन | कम / ठीक | ड्यू तारीख पर WhatsApp से हल्का-सा रिमाइंडर। | बिल या स्टेटमेंट WhatsApp पर भेजें |
| 31–60 दिन | मध्यम | खाते के स्टेटमेंट (SOA) के साथ विनम्र फॉलो-अप। | लेजर स्टेटमेंट PDF में डाउनलोड करें (Pro) |
| 61–90 दिन | ज़्यादा | अकाउंट्स टीम फ़ोन पर बात करे। आगे का उधार कुछ समय रोकें। | अगली बिक्री से पहले लेजर का बकाया देखें |
| 90+ दिन | गंभीर / पैसा डूबने का खतरा | आखिरी कानूनी नोटिस। अनुबंध में शर्त हो तो देरी पर ब्याज मांगें। | अवधि का पूरा स्टेटमेंट प्रिंट करें (Pro) |
काग़ज़ की खाता बुक (सिंगल एंट्री) बनाम डिजिटल लेजर (डबल एंट्री)
बहुत-से छोटे बिज़नेस आज भी लाल बही-खाता या साधारण स्प्रेडशीट इस्तेमाल करते हैं। बिज़नेस बढ़ने के साथ VyapRise जैसे डिजिटल लेजर पर आना क्यों ज़रूरी है:
| तुलना | काग़ज़ की खाता बुक / स्प्रेडशीट | VyapRise डिजिटल लेजर |
|---|---|---|
| हिसाब की सटीकता | जोड़-घटाने की गलती और छूटी एंट्री का बड़ा खतरा। | डबल एंट्री — हर बिल और रसीद दोनों तरफ़ दर्ज होती है, और टोटल हाथ से नहीं जुड़ता, अपने-आप निकलता है। |
| पेमेंट का मिलान | जमा हुए पैसे को बिलों से हाथ से मिलाने में घंटों लगते हैं। | हर रसीद (Pro) ग्राहक के खुले बिलों के सामने लगती है। |
| ग्राहक को दिखाना | पन्ने की फ़ोटोकॉपी करनी पड़ती है या फ़ोन पर एंट्री पढ़कर सुनानी पड़ती है। | PDF स्टेटमेंट (Pro) डाउनलोड करके WhatsApp में भेजें; click-to-chat मैसेज में बकाया रकम लिखी जाती है। |
| ऑडिट के लिए तैयार | CA को हाथ से लिखे खाते जांचने में मुश्किल होती है। | स्टेटमेंट और रिपोर्ट्स CA के लिए PDF या CSV में एक्सपोर्ट होती हैं (Pro)। |
क्रेडिट लिमिट से नकदी कैसे बचती है
क्रेडिट लिमिट वह अधिकतम उधार है जो आप किसी ग्राहक को देते हैं। VyapRise में आप ग्राहक पर क्रेडिट लिमिट दर्ज करते हैं, और जब कोई नया बिल उसे लिमिट से आगे ले जाएगा, तो बिल के फॉर्म पर बकाया, इस बिल की रकम और लिमिट के साथ चेतावनी दिखती है। यह सॉफ्ट लिमिट है: बिल फिर भी सेव होता है और फ़ैसला आपका रहता है (चाहें तो सेटिंग में लिमिट पार होने पर मालिक की मंज़ूरी ज़रूरी कर सकते हैं)। हर ग्राहक पर क्रेडिट अवधि भी दर्ज करें, ताकि हर बिल की ड्यू तारीख बने, और धीमे भुगतान वाले ग्राहक का नया बिल बनाने से पहले लेजर खोलकर बकाया और वह कितना पुराना है, देख लें। जिन ग्राहकों ने पिछले माल का पैसा नहीं दिया, उन्हें और माल भेजने से बचने का यही सबसे आसान तरीका है।
दुकान के उधार खाता ऐप की तरह VyapRise का इस्तेमाल
ज़्यादातर दुकानों में पक्के ग्राहकों का उधार काउंटर के नीचे रखी खाता बुक में रहता है। दिक्कत तब शुरू होती है जब पन्ना भर जाता है, टोटल गलत जुड़ जाता है, या ग्राहक कहता है "मैंने तो दे दिया था"। दुकान की खाता बुक की तरह VyapRise वही खाता डिजिटल रखता है, और हर लाइन के पीछे उसका बिल और पेमेंट मौजूद रहता है।
- उधार अपने-आप चढ़ता है। ग्राहक के नाम बिल बनाएं और उसे बिना पेमेंट छोड़ दें — रकम उसके खाते में आ जाती है। रजिस्टर में दूसरी एंट्री की ज़रूरत नहीं।
- पेमेंट सही बिल से घटता है। ग्राहक ₹500 नकद या UPI से दे, तो उसे बिल पर दर्ज करें — या Pro में उस बिल के सामने रसीद बनाकर। सेव करते ही बकाया अपडेट हो जाता है।
- दिखता है कि सबसे पुराना उधार किसका है। बकाया उम्र के हिसाब से बंटा होता है, इसलिए 90 दिन से अटके ₹2,000 पिछले हफ़्ते के ₹5,000 वाले बिल से अलग दिख जाते हैं।
- ग्राहक को भी वही पन्ना दिखता है। स्टेटमेंट WhatsApp पर या PDF (Pro) में भेजें, जिसमें हर बिल और पेमेंट लिखा हो।
- पुराना उधार खोता नहीं। काग़ज़ की खाता बुक से ओपनिंग बैलेंस डालें; उसके सामने आया पेमेंट रसीद (Pro) पर "Old invoices (not in VyapRise)" के रूप में दर्ज होता है।
एक बात जान लें: ड्यू और ओवरड्यू के रिमाइंडर VyapRise के अंदर, नोटिफ़िकेशन की घंटी में दिखते हैं। ग्राहक को SMS या WhatsApp पर अपने-आप कुछ नहीं जाता — स्टेटमेंट कब भेजना है, यह आप तय करते हैं। अपने-आप जाने वाले पेमेंट-रिमाइंडर ईमेल Pro में हैं। Hinglish में स्टेप-बाय-स्टेप गाइड के लिए udhaar ka hisaab kaise rakhe पढ़ें, और फ़ोन से बिल बनाने के लिए GST बिल बनाने का सॉफ्टवेयर पेज देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ग्राहक लेजर, डिजिटल बही-खाते और पेमेंट के फॉलो-अप के बारे में।
ग्राहक लेजर (खाता) क्या होता है?
ग्राहक लेजर (जिसे पार्टी लेजर या देनदार खाता भी कहते हैं) किसी एक ग्राहक के साथ हुए हर लेन-देन का पूरा हिसाब है। इसमें हर बिल, पेमेंट, क्रेडिट नोट और डेबिट नोट दर्ज होता है, और चलते बैलेंस से पता रहता है कि उस ग्राहक पर आपका कितना बकाया है।
VyapRise बकाया पेमेंट कैसे ट्रैक करता है?
VyapRise आपके बिलों और पेमेंट रसीदों से ग्राहक लेजर अपने-आप बनाता है। हर ग्राहक का बकाया तुरंत देखें, रिसीवेबल एजिंग रिपोर्ट (0–30, 31–60, 61–90 और 90 दिन से ज़्यादा) में देखें कि वह कितना पुराना है, और लेजर स्टेटमेंट ग्राहक को WhatsApp पर भेजें। Free प्लान में लेजर और एजिंग चालू महीने के दिखते हैं; Pro में कोई भी अवधि।
क्या VyapRise का ग्राहक लेजर सॉफ्टवेयर फ्री है?
हाँ, शुरू करने के लिए। हमेशा फ्री रहने वाला Free प्लान 10 ग्राहकों तक का लेजर रखता है, पेमेंट हर बिल पर ही दर्ज होता है, और चालू महीना दिखाता है। अलग रसीदें, ज़्यादा ग्राहक, कोई भी अवधि और स्टेटमेंट PDF Pro में हैं। साइन-अप के लिए कार्ड की ज़रूरत नहीं।
क्या VyapRise को डिजिटल खाता बुक की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं?
हाँ। VyapRise आपकी काग़ज़ की खाता बुक का डिजिटल विकल्प है। हर ग्राहक का लेन-देन ट्रैक करें (सप्लायरों का भी, Pro में परचेज़ बिल के साथ), बकाया एक नज़र में देखें, और अपना लेजर किसी भी डिवाइस — डेस्कटॉप, टैबलेट या मोबाइल — से खोलें। न पन्ने खोते हैं, न टोटल गलत जुड़ता है।
क्या मेरी दुकान के लिए फ़ोन पर चलने वाला उधार खाता ऐप है?
VyapRise फ़ोन के ब्राउज़र में चलता है, Play Store ऐप के रूप में नहीं — डाउनलोड करने के लिए कोई Android या iPhone ऐप नहीं है। app.vyaprise.com खोलें, साइन इन करें, और ब्राउज़र के मेन्यू में "Add to home screen" (होम स्क्रीन पर जोड़ें) से एक आइकन बना लें, जो ऐप की तरह खुलता है। वही खाता दुकान के कंप्यूटर पर भी मिलता है। इसके लिए इंटरनेट चाहिए; ऑफ़लाइन मोड नहीं है।
काग़ज़ की खाता बुक का पुराना उधार VyapRise में कैसे लाएं?
हर ग्राहक का ओपनिंग बैलेंस डालें — यानी जिस दिन आप शुरू करते हैं, उस दिन उस पर कितना बकाया है। बाद में जब वह पुराने उधार का कुछ हिस्सा दे, तो रसीद (Pro) बनाएं और उसे "Old invoices (not in VyapRise)" के सामने लगाएं। ओपनिंग बैलेंस घट जाता है, और उसके बाद VyapRise में बने नए बिल एक-एक करके ट्रैक होते हैं।
क्या ग्राहकों को पेमेंट रिमाइंडर भेज सकते हैं?
हाँ — उन्हें उनका स्टेटमेंट भेजकर। ग्राहक का लेजर स्टेटमेंट खोलें और WhatsApp पर भेजें, या (Pro में) PDF डाउनलोड करके अपने तरीके से भेजें। उसमें हर बिल, रसीद और बकाया रकम लिखी होती है, इसलिए ग्राहक को साफ़ दिखता है कि कितना और क्यों देना है। Pro प्लान में VyapRise ग्राहकों को पेमेंट रिमाइंडर ईमेल अपने-आप भी भेज सकता है।
इस विषय पर गाइड
आसान हिंदी में पूरी जानकारी।
- Udhaar Ka Hisaab Kaise Rakhe: Dukan Ke Liye Khata GuideUdhaar ka hisaab rakhne ke liye har customer ka alag khata rakhiye, har udhaar bill aur har payment usi din likhiye, payment ko us bill ke against lagaiye jiska paisa aaya, har hafte ageing dekhiye ki kaunsa paisa kitne din se baaki hai, aur mahine mein ek baar customer ko uska statement WhatsApp par bhejiye.
- Cash Flow क्या है? इसके प्रकार और इसे मैनेज करने के टिप्सकैश फ्लो बिजनेस में आने वाले पैसे (Cash Inflow) और जाने वाले पैसे (Cash Outflow) का बहाव है, जो बताता है कि किसी खास समय पर बैंक अकाउंट और गल्ले में असल में कितनी नकदी है; प्रॉफिट से अलग, यह दिखाता है कि कमाया हुआ पैसा सच में हाथ में आया या नहीं।
- Revenue vs Profit में अंतर: मतलब, फॉर्मूला और उदाहरणरेवेन्यू वह कुल पैसा है जो बिजनेस माल बेचकर या सर्विस देकर कमाता है, जबकि प्रॉफिट वह पैसा है जो रेवेन्यू में से सारे खर्चे और टैक्स घटाने के बाद बचता है (Profit = Revenue − कुल खर्चे); इसलिए रेवेन्यू का बढ़ना हमेशा प्रॉफिट का बढ़ना नहीं होता।
- Gross Profit vs Net Profit में अंतर: फॉर्मूला और उदाहरणग्रॉस प्रॉफिट कुल बिक्री में से सिर्फ़ प्रोडक्ट बनाने या खरीदने की सीधी लागत (COGS) घटाकर बचा मुनाफा है, जबकि नेट प्रॉफिट ग्रॉस प्रॉफिट में से किराया, सैलरी, मार्केटिंग, ब्याज और टैक्स जैसे बाकी सभी खर्चे घटाकर बचा असली मुनाफा है। फॉर्मूला: Gross Profit = बिक्री − COGS; Net Profit = Gross Profit − बाकी खर्चे, ब्याज और टैक्स।
हर रुपये का हिसाब, बिल्कुल फ्री
ग्राहकों का लेजर रखें, स्टेटमेंट WhatsApp पर भेजें और किसी का बकाया न भूलें। आपकी डिजिटल खाता बुक, हमेशा फ्री रहने वाले Free प्लान के साथ।
क्रेडिट कार्ड की ज़रूरत नहीं।